Sushmita Sen’s Co-Star Sheetal Kale On Casting Couch Struggles, Taali Big break & Upcoming Projects
पेरेंट्स तो कभी नहीं चाहेंगे कि एक हमारी लड़की जाके हीरोइन बने नाचे लोग लोग उसे देख के तो भागने का डिसीजन क्यों लिया आपने? ये तो जाहिर था कि मुझे मार बहुत पड़ती क्योंकि मेरे दो भाई को भी कुछ होता तो उनको मारते थे। शूटिंग 10 दिन की हुई थी तो उनका कॉल आया मुझे रात को 12:00 बजे। कहा कि बैक पैक कर लो। तुमको पुणे आना है। तो मुझे पता था कि वो शूटिंग के लिए बुला रहे हैं। यह सेम प्रोजेक्ट के लिए बुला रहे हैं। लेकिन मुझे तभी भी नहीं पता था कि मैं शॉक्ड हो गई और मेरे दिमाग में गाना चलने लगे। भाई देने वाला जब भी देता देता छप्पर फाड़ के बहुत मेहनत की। तीन साल मैंने मेहनत करी उसके बाद में जब मैं ऑडिशन देने जाती थी तो उस वक्त सबको बहुत पसंद आते थे ऑडिशन। सारी चीजें होती लेकिन क्या है ना यहां पे एक लॉबी चलती है तो वहां पे अपने फेवरेट लोग जो होते थे उन्हीं को सबसे पहले काम मिलता था। मतलब बहुत मेहनत करी थी उस फिल्म के लिए भी मैंने कि भाई मुझे ले लो ले लो इतने सारे ऑडिशंस दिए इतने सारे लुक टेस्ट दिए एक एक्ट्रेस की और एक एक्टर की लाइफ इतनी इजी नहीं होती जो आउटसाइडर होते हैं उनको जल्दी से काम मिलता नहीं यहां पे यहां पे आपको पीछे पड़ना पड़ता है आपको फॉलो अप लेना पड़ता है कास्टिंग काउच भी फेस करना पड़ता है कास्टिंग काउच [प्रशंसा] [संगीत] अगर आप अगर घर से भागे नहीं होते तो लोगों ने आपके लिए ताली नहीं बजाई होती और हम आपके घर पे बैठे नहीं होते। सो वेलकम एंड लेट्स टॉक अबाउट द ताली, द गाली एंड द जर्नी। यस। क्योंकि जो एक एक्टर की जर्नी होती है उसमें मुझे लगता है ताली गाली दोनों होता है। 100 गाली इन द सेंस ऐसा नहीं है कि लिटरल गाली मतलब बहुत सारा स्ट्रगल होता है। बड़ी सारी चीजें होती है। सो सबसे पहले तो घर से भागने वाला किस्सा जो था कि व्हेन यू थॉट बचपन से एक्टर ही बनना था। हां हां बचपन से तो एक्टर ही बनना। कितने साल में आपने ये सोचा? वैसे तो मुझे बचपन से ही था। बट जब मैं 13 साल की हुई, तो मेरे दिमाग में ज्यादा इसका भूत चढ़ गया था कि नहीं मुझे तो बनना एक्ट्रेस एक्ट्रेस ही है। तो बट 13 साल की थी तब से यह भूत चढ़ा हुआ था मेरे दिमाग में। मतलब ये फिल्में बहुत देखते थे आप या फिर आपको लगता था बहुत सुंदर हूं मैं। नहीं मैं फिल्म कहीं पता है बचपन में हमें लगता है मतलब मैं तो मतलब क्या हैंडसम हूं। वो हमें मतलब एक चीज़ हां वो जरूरी है लगना अगर अगर आपको यह लगेगा नहीं तो आप एक्ट्रेस एक्टर कभी बन ही नहीं पाओगे। जब आपको आपके खुद के ऊपर कॉन्फिडेंस नहीं है और आपको अपने ऊपर कॉन्फिडेंस नहीं है तो आप कहीं नहीं जा सकते और कहीं कुछ बन भी नहीं सकते। तो सबसे पहली जो सीडी होती है वो खुद के ऊपर कॉन्फिडेंस कि मैं कर सकता हूं या कर सकती हूं। बिल्कुल। तभी आप उस राह में जा सकते हो क्योंकि यह जो राह है, यह जो इंडस्ट्री है, यह इतनी इजी दिखने में तो हम ऐसी फिल्में देख लेते हैं लेकिन इतनी इजी नहीं है। बहुत ही मतलब पैर जमाना यहां पे बहुत ही मुश्किल है। मुश्किल है। यस। तो क्या हुआ था? मतलब पेरेंट्स ने मना कर दिया कि भाई एक्टिंग-व्टिंग नहीं करनी है। हां। कोई भी पेरेंट्स मतलब मराठी मैं मराठी फैमिली से हूं तो पेरेंट्स तो कभी नहीं चाहेंगे कि एक हमारी लड़की जाके हीरोइन बने नाचे लोग लोग उसे देखे ये कभी नहीं चाहते पेरेंट्स जो हम क्योंकि मेरी मेरी फैमिली थोड़ा सा बहुत मतलब गांव की सोच है उनकी तो अभी तो चलो ठीक हुई है लेकिन पहले उनकी सोच उतनी खुली हुई नहीं थी तो किससे आपने सबसे पहले कहा कि एक्ट्रेस बनना है वो तो मैं अपने आप से कहती थी अपने अलावा मेरे मेरी दादी को पता था मेरी मम्मी और जो मेरी चाची एंड ऑल सबको पता था कि ये ऐसी हरकतें करती है तो इसे ज्यादा शौक है फिल्म फिल्मों में जाने का शौक है फिल्में इसको एक्ट्रेस बनना है तो जब लेकिन जब मेरे फादर आते तो हम चुप हो जाते थे मैं अगर हंसती भी होती थी तो मैं चुप हो जाती थी उस टाइप का घर में माहौल था मेरे ऐसा था तो भागने का डिसीजन क्यों लिया आपने क्योंकि मैं एक मैं थिएटर प्ले कर रही थी और उसी समय मेरा एग्जाम था तो जब मुझे मेरे मेरे घर वालों को बुलाया गया स्कूल में कि आपकी लड़की ने इतना बंक करा हुआ है तो आज वो तो उसी दिन पता चला गया घर में मेरी पूरी पोल खुल गई है तो मैं डर रही थी पता नहीं क्या हो जाएगा तो मैंने कुछ नहीं किया घरवाले गए स्कूल और मैंने कपड़े भरे मैं निकल ली कौन सी क्लास में थे आप 10थ तो कुछ पैसे वैसे थे आपके आपके पास मतलब कुछ नहीं मैं दादी के दादी के घर गई थी। अच्छा दादी के घर गई ओके दादी वास सपोर्टिव सपोर्टिव हां दादी ने मतलब उस वक्त मम्मी पापा को बुलाया या नहीं मम्मी उन्होंने छुपा के रखा था पता था कि मार मार पड़ेगी घर पे मम्मी मारे गए फिर पापा मारेंगे ऐसे पता था कि 10थ था मेरा बोर्ड था और उसके बाद में मैंने एग्जाम ही नहीं दिए थे और भंग कितने करा था मैंने तो ये तो जाहिर था कि मुझे मार बहुत पड़ती क्योंकि मेरे दो भाई को भी कुछ होता था तो उनको मारते थे मतलब बचपन में हर मां-बाप हमारा बच बचपन तो ऐसा ही रहा आजकल बहुत वो हो जाता है कि मारना इज लाइक अ वेरी बिग थिंग बट क्रिटी हो गया पिटे बिना तो हम कुछ काम ही नहीं कर रहे राइट राइट तो ये था तो मेरी दादी के घर गई मैं तो दादी ने नहीं बताया कि मैं वहां हूं तो घर वालों का रोना धोना कि कहां गई कहां गई ये वो लेकिन मैं अपने दादी के घर पे थी तो जब शांत हो गए सारे तो बताया कि दादी के पास हूं तो फिर पापा कुछ बोले तो नहीं थे लेकिन वो मुझसे बात नहीं करते थे दो दिन बाद फिर घर पे गई तो बोला कि पापा कुछ नहीं बोलते थे। उनको जो बोलना होता था मम्मी के थ्रू मुझसे बोलते थे। तो ये इंडस्ट्री इंडस्ट्री ये सब छोड़ो अपना पढ़ाई करो। लेकिन वहां पे मन नहीं लगता था। तो उन्होंने करा मतलब बोला कि पढ़ाई करो। मैं मतलब जैसे तैसे क्योंकि मैं मराठी मीडियम में थी तो मराठी मीडियम यह था कि 10थ तक तो बच्चों को पास कर ही देते थे। चाहे जो हो जाए बच्चा लिखे नहीं लिखे। तो मैं पास हो गई थी वैसे भी। तो उसके बाद जब मैं 11th में गई मेरा मन नहीं था। मुझे मुझे पढ़ाई नहीं करनी थी। घर वालों को पता था कि मुझे पढ़ाई नहीं करनी है। तो मैं उस वक्त मैं ऑडिशन देना मैंने स्टार्ट करा घर वालों को बिना बताए। तो ऑडिशन देना स्टार्ट करा। लेकिन मेरी हिंदी इतनी अच्छी नहीं थी। क्योंकि एक आप इंडस्ट्री में आपको काम करना है तो आपके तलफुज़ बहुत ही अच्छे होने चाहिए। आपकी हिंदी आपको हिंदी सिनेमा में अगर काम करना है तो आपकी हिंदी बहुत अच्छी होनी चाहिए। और प्रेजेंटेशन आपका बहुत अच्छा होना चाहिए। मैं तो अपने आप को मतलब मधुबाला समझती थी लेकिन ऐसा सामने वाले को भी लगना चाहिए ना। तो मैं घर में थी वैसे ही। बट अगर आप बाहर निकलते हो, आपको जब तक लोग जज नहीं करते हैं। आपको अगर लोग पॉइंट आउट नहीं करते हैं कि भाई तेरे अंदर यह खामी है और इसे पहले आप उस पे काम करो। उसी के बाद में आप वो सारी चीजों के बारे में सोच सकते हो। ये चीज है। तो फिर अल्टीमेटली एक्टिंग जर्नी कैसे स्टार्ट हुई? क्या सबसे पहले काम मिला? यार काम तो बहुत मुश्किल से मिला क्योंकि काम मिलने से पहले मैंने बहुत वर्क किया अपने ऊपर। मैं बहुत मोटी थी तो उस सबसे पहले तो अपने अपने हेल्थ पे मैंने काम करा। उसके बाद में मेरे जो डिक्शन थे मेरे तलफुस जो थे मैंने उसके ऊपर बहुत बहुत ज्यादा काम करा क्योंकि जब मैं बात करती थी पहले जो मैं प्रैक्टिस से पहले जब मैं बात करती थी तो पता चलता था कि मैं मराठी हूं। जो कि जैसे कोई मराठी हिंदी में बात करता है तो हमें पता चलता है कि ये मराठी है। तो वैसे ही मैं जब बात करती थी तो लोगों को पता चल जाता था कि भाई ये मराठी गर्ल है। तो मुझे काम मिलना थोड़ा सा मुश्किल था। उस वक्त मैं जब मुझे मोनोलॉग्स मिलते थे तभी मैंने कोई मैं थिएटर करती थी बट थिएटर वो पता नहीं चलता था मुझे कि मेरी मेरी वॉइस में मराठी आती। मुझे नहीं समझ आता था। बट मैं करती थी। लेकिन जब मैंने अपनी खुद की वॉइस रिकॉर्ड करके जब मैंने सुनना स्टार्ट करा तो मुझे पता चला ये तो मैं तो ऐसे बोल रही हूं तो पूरा लग रहा है कि मैं मराठी में बात कर रही हूं ऐसा लग रहा है। तो मैंने अपने वॉइस मॉड्यूलेशन मेरे जो वोकल एक्सरसाइज डिक्शन इस पे सब पे मैंने काम करना स्टार्ट करा। तो फिर मैंने एक क्लासेस मैंने स्टार्ट करी। कर्मकला मंच था वहां पे मतलब एक थिएटर है। तो वहां पे मैंने क्लासेस स्टार्ट करी। क्लासेस स्टार्ट करने के बाद में वहां पे मैंने सीखा। डिक्शन सीखा। उसके बाद में मतलब सारी चीजों पे मैंने काम करा। वो काम करते-करते तीन साल चला गया मेरा। तीन साल मैंने अपने डिक्शन पे मेरे तलफुज पे मतलब जो ज़हर ज़बर ये सब होता है नुक्ता उस पे सब पे काम करा मैंने। तब जाके फिर मेरा तलफुज़ क्लियर हुए। लेकिन मैं जब बात करती हूं जब मैं डायलॉग डिलीवरी करती हूं तो मैं बहुत सोच समझ के और बहुत ही उसको बना के मैं बोलती हूं। वो मेरे खुद के वर्ड्स नहीं होते कभी भी। वो वो कैरेक्टर के वर्ड्स होते हैं और वो कैरेक्टर होता है। वो मैं कभी नहीं होती। अगर मैं मुझे रियल शीतल से आप मिलोगे तो मैं ऐसे आपसे बात कर अभी भी मैं बना के बात कर रही हूं। लेकिन रियल शीतल से आप जब मिलोगे तो एक वो मराठी और वो ऐसी मराठी है कि आपको लगे जब मैं मराठी में बात करूंगी आपको लगेगा कि नहीं भाई ये लड़ रही है। उस टाइम में मतलब मराठी हम बात करते हैं घर पे। ये चीज है तो हुआ और अच्छा था मेरा जब मैं जब मैंने बहुत मेहनत की तीन साल मैंने मेहनत करी उसके बाद में जब मैं ऑडिशन देने जाती थी तो उस वक्त सबको बहुत पसंद आते थे ऑडिशन सारी चीजें होती थी लेकिन क्या है ना यहां पे एक लॉबी चलती है जो चाहे आप सीरियल में जाओ आप फिल्मों में जाओ या फिर ऐड में जाओ ये तीनों तीन तीन लॉबी थी अभी तो ये इन्फ्लुएंसरर ये सारी चीजें अभी आई है लेकिन अगर आप जाओ 2000 2014-15 में जाओगे तो यह सारी चीजें उस वक्त नहीं थी। उस वक्त तो आपको ऑडिशन देना होता था और उस वक्त वहां पे लॉबी मतलब अभी भी लॉबीज़ चलती है लेकिन तभी भी लॉबी चलती थी। तो वहां पे अपने फेवरेट लोग जो होते थे उन्हीं को सबसे पहले काम मिलता था। तो मेरा ऑडिशन अच्छा जाता था। लेकिन काम मिलना थोड़ा मुश्किल था उस वक्त भी। तो उस वक्त कहा जाता था कि नहीं भई छोटी है। कोई कहता था कि नहीं मोटी है। कोई कुछ कहता था कोई कुछ कहता था। हां अच्छा ऑडिशन तो बहुत अच्छा दे। तो मैं सोच रही थी मैं ऑडिशन अच्छा जा रहा है तो ले क्यों नहीं रहे मुझे कोई तो मैंने सीरियल फिर ड्रॉप कर दिया सीरियल ड्रॉप करने के बाद में फिर मैं फिल्मों की तरफ मैंने अपना रुख मोड़ा और मैंने फिल्मों के लिए मैं ऑडिशन देने लग गई तो मैंने एक फिल्म के लिए मैं सिलेक्शन मेरा हो गया ऑलमोस्ट हो गया होने के बाद मैं उसमें पाकिस्तानी एक्टर्स थे तो मैंने उनके साथ में काम करा काम वाम करा पिक्चर कंप्लीट हुई इतना मैंने मेहनत करी उसमें इतनी मेहनत करी मेहनत करने के बावजूद वो फिल्म रिलीज नहीं हो पाई क्योंकि वो नहीं हो पाई किसी कारण और फिर जब मैंने दूसरी मूवी करी मतलब उस उस वक्त उस दौरान मुझे मूवीज आ रही थी मूवीज का ऑफर अच्छे आ रहे थे लेकिन उतनी बड़ी नहीं जितनी कि ताली ये ताली से मेरा एक अलग ही वो था मतलब अलग ही मुझे रिकॉग्नाइजेशन मिला कहूं और एक अच्छी पहचान मिली मुझे मेरे जो मेरी कैपेबिलिटी है जो मेरा एक मैं परफॉर्म फॉर्मर हूं। जिस टाइप की मैं एक्ट्रेस हूं उसको वो लोगों ने जाना प्यार किया। लेकिन उससे पहले जो मैंने फिल्में करी वो इतनी बड़ी नहीं थी। और उसके बाद में वो फिल्म वो फिल्में कभी रिलीज नहीं हुई। हालांकि मेरी तीन फिल्में हैं जो कि रिलीज कभी हुई नहीं और दो फिल्में बनते बनते एक में तो मतलब एक लाइट मैन थे उनकी डेथ हो गई थी। फर्स्ट डे शूटिंग का और उसी दिन उनकी डेथ हो गई थी। तो उस वक्त मैं डिप्रेशन में चली गई थी। भाई फिल्म बंद हो गई थी। बंद ही हो गई थी ना। अभी कोई मौत हो गई उसके बाद में मुझे लिया था और इतना इतना मतलब बहुत मेहनत करी थी उस फिल्म के लिए भी मैंने कि भाई मुझे ले लो ले लो। इतने सारे ऑडिशंस दिए इतने सारे लुक टेस्ट दिए। एक एक्ट्रेस की और एक एक्टर की लाइफ इतनी इजी नहीं होती। जो आउटसाइडर होते हैं उनको जल्दी से काम मिलता नहीं यहां पे। यहां पे आपको पीछे पड़ना पड़ता है। आपको फॉलो अप लेना पड़ता है। आपको मतलब एकदम सच कहूं तो यहां पे मतलब कि झोंकना पड़ता है अपने आपको कि बस काम करना है तो एकदम अपने आप को झोंको। आप नींद, चैन, सुख, खाना पीना सब हराम करके आपको मतलब दौड़ना पड़ता है। घोड़ा भी एक बार रेस्ट करेगा। लेकिन आपको घड़ी की तरह आपको दौड़ना पड़ेगा यहां पे। काउच भी फेस करना पड़ता है। कास्टिंग काउच क्योंकि मेरे साथ में मैंने देखा नहीं है ऐसा कुछ। कास्टिंग काउच मेरे साथ में कभी हुआ हो या मुझे उतना समझ नहीं आता था कि सामने वाला किस टॉपिक पे मुझसे बोल रहा है या फिर क्या बोल रहा है। मुझे शायद मैं भी हो सकता है इस वजह से भी मैं जल्दी से मैं मुझे काम नहीं मिला। हो सकता है मुझे क्योंकि मुझे सामने वाली की बातें समझ नहीं आती थी। जो वो कैरेक्टर मुझे पता था वो मैं कैरेक्टर के बारे में ही सोचती रहती। तो मुझे समझ नहीं आता था ये बोलना क्या चाह रहा है या फिर कौन क्या समझा रहा है। मुझे नहीं समझ में आता था। तो मैं समझती नहीं थी जल्दी। हो सकता है उसकी वजह से भी थोड़ा मेरा डिले हुआ है। हां चीजें और जबकि मैंने जो भी मैंने काम करा आज तक मैंने ऑडिशन से ही किया है। तो हां ऑडिशन आप देते रहो यार और ये सारी चीजें चीजों से बचो जो कास्टिंग का हो फलाना ढमाका होता है। इससे काम कभी नहीं मिलता आपको। आपको एक दो बार काम मिलेगा। आप देखोगे लेकिन लोग आपको पसंद नहीं कर सकते। लोग आपको तब पसंद करते हैं जब आप में सच में वो दम होता है। आप सच में आपके कला में वो ताकत होती है कि लोगों को आप कन्विंस कर पाओ। क्योंकि एक वो हम जो कैरेक्टर प्ले करते हैं वो मृत होता है। मरा हुआ कैरेक्टर होता है और उसे हम जब प्ले करते हैं तो हम उसमें जान डालते हैं। और वो हम लोगों को कन्विंस करते हैं। हम लोगों को हंसाते हैं। हम लोगों को रुलाते हैं। अगर हम वही नहीं कर पाए तो हम कलाकार किसी मतलब कलाकार है ही नहीं। फिर तो ताली कैसे मिली? ताली उस वक्त भी मेरे पास में काम नहीं था। बिल्कुल काम नहीं था। और मैंने उस वक्त सोच लिया था कि नहीं यार मैं इंडस्ट्री अब छोड़ना भला है कि घरवाले भी पीछे पड़े हैं। शादी कर ले शादी कर ले और पूरे खानदान में मेरे सब लोग मतलब बहुत ही तंग करना स्टार्ट कर दिया था मुझे कि कुछ हो जा नहीं रहा है इसका। देखो इसका ये मतलब उम्र भी जा उम्र भी जा रही है। शादी नहीं हो रही है इसकी ये वो अब इसको कौन रिश्ता आएगा ये ऐसे सारे लोग कर रहे थे अभी मेरी दादी नहीं बेचारी चली गई बेचारी जो कि मैं बहुत मेरी दादी से बहुत इंस्पायर्ड थी बहुत मेरी दादी ने मेरे लिए बहुत प्रेस किया कि मैं कुछ बनूं लाइफ में तो सब लोग बोलने लग गए थे ऐसे तो मैंने सोच लिया था कि नहीं मैं अब छोड़ देती हूं और जब मैंने सोचा यह और मैंने इसका ऑडिशन मैंने दे चुकी थी इसका ऑडिशन देने के बाद में मेरा सिलेक्शन भी हो गया था। सिलेक्शन होने के बावजूद चैनल से प्रोड्यूसर, डायरेक्टर, प्रोड्यूसर्स को कॉल आया था कि भाई उनको कोई मार्केट का फेस चाहिए। तो उन्होंने मुझे कॉल किया। उन्होंने कहा कि सॉरी यार हम तुमको ले नहीं पाएंगे क्योंकि चैनल ने कोई बड़ा फेस कह रहे चैनल लेने के लिए। तो मैंने कहा ठीक है। मुझे पता था कि भाई अब कुछ होने होना होना जाना है नहीं मेरा इंडस्ट्री में। मैंने कहा ठीक कोई बात नहीं। लेकिन क्या होता है ना आप एक कैरेक्टर के लिए मेहनत करते हो और जो कि मैं एक लड़की हो कि मैं ट्रांस का कैरेक्टर करने के लिए भी रेडी हो गई थी उस वक्त ट्रांस वूमन का तो जबकि मुझे पता नहीं था कि ये इतना पावरफुल है। मैं उस वक्त नहीं मैं तो एज एन एक्टर मैंने परफॉर्म कर दिया था। मैंने एक ऑडिशन दे दिया था। लेकिन उस वक्त मेरे पास में काम नहीं था। इसलिए मैंने रेडी हो गई थी कि भ चलो मैं ये ट्रांस का भी कैरेक्टर कर लूंगी उस टाइप का। वो कितना बड़ा है, कितना छोटा है वो मैं जानती नहीं थी। तो उनकी शूटिंग जब स्टार्ट हुई तो उनके पोस्ट आते थे इंस्टा पे तो मैंने देखा डे वन डे टू डे थ्री मैं मैंने लगा कि शूटिंग इनकी स्टार्ट हो गई तो मैंने उनको अनफॉलो कर दिया कि मैं नहीं देख पाऊं वो होता है कि अब मैं इसका पार्ट नहीं हूं नहीं हूं तो मैं खराब लगता है आपको याद आता है वो हां कि मैंने यार मेहनत करी थी मैं गजरा लेकर आई मैं फूल लेकर आई जबकि उन्होंने नहीं बताया था कि मैं ऑडिशन अपने बहुत दिल से बनाती हूं कि मुझे कोई कहता नहीं कि भ ये करो या वो करो या ऐसे बनाओ नहीं कहता मैं अपने मन से ही बनाते हो। आप अगर मेरे जितने भी ऑडिशंस हैं अब तक के मैंने दिए होंगे ना तो उस कैरेक्टर में ही मैं गई जाके मैंने दिए होंगे। चाहे वो कोई मैं गुंडी बनूं चाहे चाहे वो मैंने ट्रांस वूमन बनी हूं या फिर मैं कोई एक लेडी बनी हूं जो कटघरे में खड़ी है। तो मैंने उसी कैरेक्टर को सोच के मैं अपने आप को वैसे मैं बना के मैंने ऑडिशन दिए जैसे कोई लुक टेस्ट में ऑडिशन देता है उस टाइप का। तो मैं भूल जाती हूं। एक्चुअली आप मुझे जरा याद दिलाना। ऑडिशन आपने ताली रिजेक्ट हो गई थी जब वहां अनफॉलो कर दिया था या तो मैंने अनफॉलो कर दिया उनको और 10 दिन के बाद में जब उनकी शूटिंग 10 दिन की हुई थी तो उनका कॉल आया मुझे रात को 12:00 बजे कहा कि बैक पैक कर लो तुमको पुणे आना है तो मुझे पता था कि वो शूटिंग के लिए बुला रहे हैं ये सेम प्रोजेक्ट के लिए बुला रहे हैं लेकिन मुझे तभी भी नहीं पता था कि इसमें सुष्मिता सेन है या फिर इस कैरेक्टर यह कैरेक्टर जो मैं करने वाली हूं यह कितना बड़ा है मैं नहीं जानती दी। मेरे पास काम नहीं था। मैंने कहा ठीक है मैं आती हूं। तो मैंने बैक पैक करे और मैं निकली। तो उसके बाद में मुझे पराग का फोन आया पराग मेहता जो कास्टिंग डायरेक्टर है। तो उनका कॉल आया तो उन्होंने कहा कि तुम स्क्रीन शेयर कर रही हो सुष्मिता सेन के साथ में और ये तुम्हारा कैरेक्टर जो है ये हार्ट ऑफ द सीरीज है। मैं थोड़ी देर के लिए मैं शॉक्ड क्योंकि मेरे लिए पहला मौका था इतना बड़ा और सुष्मिता सेन के अपोजिट कर रही हूं। जो रवि जाधव इसके डायरेक्टर है जो कि नेशनल अवार्ड विनर है वो। तो मैं शॉक्ड हो गई और मेरे दिमाग में गाना चलने लगा भाई देने वाला जब भी देता देता छप्पर फाड़ के तो मेरा जब मैं जब तक मैं पुणे जा रही थी मेरा गाना चल रहा था। मैं सोई नहीं रात भर सोई नहीं। मैं सेट पे पहुंची। पहुंचने के बाद में मेरा पहला शॉट लगा था जो गैदरिंग वाला सीन है जहां पे मैं वो गणेश का कॉलर पकड़ के मैं यह करती हूं उसे। तो वो मेरा पहला शॉट था उस सीरीज का तो बहुत ही अप्रिसिएशन मिला मुझे पहले शॉट का मुझे गले लगाया सबने बहुत मतलब ऐसा लगा मैंने जैसे मुझे अवार्ड मिल गया उस दिन जो मेरी जर्नी थी जो मैंने स्ट्रगल किया जिंदगी में तो मुझे लगा कि वो मैंने अवार्ड मिला मुझे उस दिन बहुत खुशी मिली थी उस दिन मुझे सुष्मिता के साथ कैसा एक्सपीरियंस रहा मतलब कोई स्टारडम लगा कि बड़ी स्टार हैं कंफर्टेबल होने में वक्त लगा या उन्होंने मतलब स्पेस देने में वक्त लगाया। कैसा है उनका नेचर? सुष्मिता का नेचर बहुत अच्छा है। आप अगर आप भी अगर मिले अगर आप नहीं मिले कभी उनसे और कभी आप पहली बार भी मिले आपको लगेगा नहीं कि आप उनसे पहली बार मिले हो। वो इतनी अच्छी लेडी है। इतनी अच्छी मतलब बहुत ही अच्छी महिला है वो और मतलब बहुत प्यार से मिलती है सबसे। बहुत प्यार से उनका अंदाज ही एक अलग है। उनका जो बात करने का अंदाज अपनाने का अंदाज लोगों को अपना बनाने का अंदाज बहुत अलग है। तो वो उनकी स्पेशलिटी है और उनके साथ में काम जब मैंने फर्स्ट टाइम काम करा लेकिन लगा नहीं मुझे कि मतलब वो अपने आप को लेजेंड एक्ट्रेस है वो इंडस्ट्री की। तो उन्होंने वैसे कभी मतलब धौस नहीं जमाया। यस। तो उन्होंने बहुत सपोर्ट किया। बहुत अच्छे से हमने काम करा। मतलब बहुत ही अच्छा सपोर्टिव था। तो बीइंग अ गर्ल एक ट्रांस वुमेन का कैरेक्टर प्ले करना तो प्रिपरेशन किस तरह से की इसकी? सबसे पहले जब मैं जा रही थी मैंने इससे पहले कभी सोचा नहीं था कि मैं ट्रांस का क्योंकि जब अपॉर्चुनिटी आती है तो बता के नहीं आती कि भ तुझे मैं यह दे रहा हूं और तुझे इससे निकालूंगा मैं बाहर। है ना? वो कभी नहीं पता होता इंसान को। तो हर एक अपॉर्चुनिटी के लिए इंसान को रेडी होना चाहिए। मैंने मैंने हर एक चीज सीखी है। चाहे वो टकंडो हो, चाहे वो कलारी पट्टू हो, चाहे वो शास्त्रीय संगीत हो। मैंने सारी चीजें सीखी है। मैं ट्रेन हुई हूं सारी चीजों से। तब जाके मैं मतलब मैं आगे बढ़ी हूं। तो अगर आप इस इंडस्ट्री में आना चाहते हो तो आप सबसे पहले अपने आपको ट्रेन करें। उस हर एक चीज से ट्रेन करें। क्योंकि कभी भी आपको कोई भी अपॉर्चुनिटी मिले तो वो जाया ना जाए। आप उसका मतलब हां आप उसको गैब कर लो और आप उसको मतलब मतलब मौके पे चौका मारना आप वो कर सकते हो जब आपको आती है चीजें तो जब ये मिला मुझे ट्रांस का तो मुझे उतना नहीं मालूम था लेकिन जब मैं जब मैं बाय रोड में जा रही थी अ पुणे के लिए तब मैंने YouTube पे वीडियोस देखे मैं देख रही थी कि कैसे बात करते हैं यह लोग क्या होता है लेकिन मुझे एग्जैक्टली ट्रांस वुमन क्या होती है नहीं मालूम था। उस वक्त भी नहीं मालूम। मुझे एलजीबीटी क्यू के बारे में भी नहीं मालूम था। उस वक्त मैं नहीं जानती थी। तो मैंने वो सारी वीडियोस देखी। वीडियोस देखने के बाद में जब मैं गई वहां पे तो मुझे मेरे दिमाग में आ गया था कि ये ये नरगिस का एक जो कैरेक्टर है वो क्या है? अगर मैं उसकी सोल तक नहीं पहुंची तो मैं शायद ही नरगिस नहीं बन पाती उस वक्त। तो मैंने अपने आप को प्रिपेयर कर लिया था जाते-जाते। और वहां पर पहुंचने के बाद जब मुझे स्क्रिप्ट स्क्रिप्ट मिली थी तो मुझे पता था कि नरगिस यह होगी तो मैंने प्ले किया एंड आफ्टर काली चीजें कुछ बदली किस तरह से काम मिलना शुरू हुआ लोगों का परसेप्शन बदला क्या लोगों का क्योंकि लोगों का इसमें मैं लोगों मैं बहुत धन्यवाद देना चाहूंगी लोगों को लोगों ने बहुत प्यार दिया ताली को बहुत प्यार दिया मेरे कैरेक्टर जो मैंने प्ले किया था नरगिस का कैरेक्टर उसको बहुत प्यार दिया मैं आज मैं जहां पर भी जाती हूं तो मुझे शायद ही मेरे नाम से कोई जानता होगा। लोग मुझे कहते हैं कि अच्छा ये नरगिस है ना ये ताली वाली है ना नरगिस तो नरगिस ने मुझे वो पहचान दी। नरगिस ने मुझे इंडस्ट्री में वो पहचान दी कि ये एक एक्ट्रेस है। ये एक परफॉर्मर है और इसका परफॉर्म मतलब लोग रो दिए थे। मैंने मेरे मेरे डीएम पे इतने मैसेजेस आते कि आप मरी क्यों? आगे क्या होने वाला है? तो मुझे मतलब इतनी ज्यादा खुशी मुझे लाइफ में इतनी खुशी कभी नहीं मिली थी। जितनी खुशी मुझे ताली करने के बाद जो लोगों ने प्यार दिया जो मुझे मुझे बेल्जियम से जर्मनी से मतलब दुनिया भर के मैसेजेस आने लग गए थे मुझे पाकिस्तान से तो बहुत प्यार मिला मुझे बहुत ज्यादा और हां ताली ने मेरी जिंदगी बदली और उसके बाद ताली के बाद में क्या होता है कि जब एक एक्टर अच्छी एक एक अच्छी वेब सीरीज या फिल्म देता है तो वो एक 18 पे नहीं आके काम कर सकता अगर मैं 19 पे मैंने काम करा या फिर मैंने 18 पे काम करा। अगर 18 पे करा है तो मैं 19 पर ही काम करूंगी। मैं 17 पे नहीं कर सकती हूं क्योंकि हर इंसान को मतलब अगर मैं मेरे पास में ये फोन है तो मैं इससे नीचे पे तो नहीं जाऊंगी ना। मैं अपग्रेड ही जाऊंगी। है ना? या तो यहीं रखूंगी मैं। तो यही कि मुझे मैं उस चीज का वेट कर रही थी कि भाई अगर मैंने ऐसा कैरेक्टर करा है तो मुझे अच्छा एक चैलेंज का और कोई काम आए जिसे मैं करूं। और मुझे आया लेकिन एक अच्छा काम के लिए अच्छे इसके लिए ना पेशेंस बहुत जरूरी है। और मैंने एक चीज बहुत अच्छी सीखी इंडस्ट्री में कि यहां पे लोग आते हैं हर किसी में डिटरमिनेशन होता है। पैशन होता है। बहुत फोकस होते हैं लोग। लेकिन एक चीज की कमी होती है वो है पेशेंस। तो आपके अंदर पेशेंस बहुत जरूरी है। वो आपको हो सकता है आपको आते ही मिल जाए या आपको 10 15 साल लग जाए मिलते मिलते काम। तो पेशेंस बहुत जरूरी है लाइफ में। तो अब क्या कुछ आने वाला है? क्या कुछ चल रहा है जो यू कैन डिस्क्लोज़ चल तो रहा है अभी। मेरी मेरी तीन मूवीज आने वाले समय में आएगी। हम तो लेकिन अच्छी है। अभी मैं बोल भी नहीं पाऊंगी उसके बारे में। नहीं नहीं अभी हुई नहीं है। क्योंकि क्या होता है कि एक अच्छी बड़ी चीज अच्छी चीज बड़ी चीज मतलब बड़ी तो सारी चीजें होती है यार। अगर हम सोचे कि मैं ये मेरी बड़ी चीज है तो वो बड़ी हो जाएगी अपने आप। हम वो अपनी सोच के ऊपर होता है कि हम कैसे उस चीज को देख रहे हैं तो जब आएगी मेरी चीजें यह तीन क्योंकि अच्छी चीजों के लिए वक्त लगता है। वो बड़े कलाकार हैं। उनकी डेट्स के लिए वक्त लगता है क्योंकि उनके और भी कमिटमेंट्स होते हैं। तो जब उनका वो सारी चीजें हो जाएगी तो फिर आ जाएगा फ्लोर पे सबको पता चल जाएगा कि मैं क्या कर रही हूं, क्या नहीं कर रही हूं। इंतजार रहेगा। घर वालों की डिमांड आपने पूरी कर दी। शादीवादी कर ली आपने। नहीं नहीं अभी तो नहीं। घर वाले अभी बोलते ही नहीं है। अब बोलते बंद कर दिया उन्होंने बोलना। अब नहीं बोलते जब लगता है मानेगी नहीं अभी। हां अभी उनको लगता है कि आप तो ये अब तब नहीं सुन रही तो अब कहां सुनेगी ये उस टाइप का तो घर वाले तब बोलते थे कि शादी कर ले शादी कर ले। लेकिन ताली के बाद में अब वो नहीं बोलते मुझे कि शादीवादी कर ले। मतलब अब वो कहीं ना कहीं एक मान गए हैं कि हां ठीक है एक्टिंग में इसकी दुकान जो है अभी खुल गई है और धीरे धीरे धीरे चीजें जो हैं बेहतर हो जाएंगी। राइट दैट इज आल्सो गुड क्योंकि फैमिली का सपोर्ट अगर रहेगा तो कहीं ना कहीं हमारा मोराल जो है वो अप रहता है। बिकॉज़ बाकी कोई सपोर्ट करे ना करे फैमिली साथ खड़ी होती है तो हमें लगता है कि हां हम दुनिया जीत लेंगे। राइट? लेकिन एक चीज़ यहां पे ऐसी होती है ना फैमिली की अगर बात कहा जाए तो आप जब काम करते हो तब फैमिली आपके साथ होती है। आप मतलब उनको दिखता है ना कि काम कर रहे हो आप तब वो सपोर्ट करती है और जब उनको पता चलता है नहीं ये तो निठल्ले गिरी कर रही है। ये तो ऐसे ही घूम रही है फिर रही है। वो कभी सपोर्ट नहीं करते। बिल्कुल करना भी नहीं चाहिए। हां। तो मैं मैं हमेशा से बहुत फोकस रही हूं। मैं बहुत इंट्रोवर्ट हूं। मैं मैं सोशलाइज जरा भी नहीं हूं। और मैं मेरे काम से बहुत ज्यादा प्यार करती हूं। मतलब एक जैसे एक हर कोई इंसान अपने काम से बहुत प्यार करता है। लेकिन मैं बहुत ज्यादा प्यार करती हूं। जैसे कोई भगवान को चाहता है ना उसको देखना चाहता है। वैसे मैं अपने काम से प्यार करती हूं। ऐसे ही आप प्यार करते रहिए और उम्मीद करते हैं कि फिर से ताली बजाने का मौका आप देंगी। दर्शकों को सीरीज में तो आपने भी बजाई, दर्शकों ने भी बजाई बट अब जब कुछ आएगा तो जाहिर है दर्शक ताली बजाएंगे। थैंक यू सो मच फॉर टॉकिंग। मजा आया आपसे बात करके। थैंक यू सो मच। लुकिंग फॉरवर्ड टू मोर कन्वर्सेशंस, मोर फिल्म्स, मोर वेब सीरीज। जी। थैंक यू। सी यू सून। सी यू। थैंक यू।
Sheetal Kale’s inspiring journey from running away to starring in ‘Taali’ with Sushmita Sen
00:00 – Meet Sheetal Kale!
01:25 – Her Incredible Journey Begins
04:17 – Why She Chose to Leave Home
07:10 – From Rock Bottom to Rise: How It All Started
09:36 – Auditions That Changed Her Life
11:04 – Spotlight Moment: How Taali Made Her Shine
12:39 – The Harsh Truth: Facing the Casting Couch
14:08 – Landing Taali: The Big Break
18:41 – On-Screen Magic: Working with Sushmita Sen
19:43 – Becoming the Character: Preparing to Play a Transgender Role
21:43 – Love, Applause & Impact: Public Reaction to Taali
24:11 – What’s Next? Sheetal Talks Upcoming Projects
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